चंडीगढ़, 23 अप्रैल: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज दिल्ली के द्वारका स्थित यशो भूमि कन्वेंशन सेंटर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शिरकत करते हुए सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन के पूर्व ग्लोबल चेयरमैन दिवंगत ओसामु सुज़ुकी को नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने स्व. सुज़ुकी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि ओसामु सुज़ुकी एक ऐसे दूरदर्शी उद्योगपति थे जिन्होंने भारत-जापान मैत्री को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया।
ओसामु सुज़ुकी – भारत की ऑटोमोबाइल क्रांति के जनक
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा:
“ओसामु सुज़ुकी न केवल एक उद्योगपति थे, बल्कि एक सांस्कृतिक सेतु थे, जिन्होंने भारत और जापान के संबंधों को प्रगाढ़ बनाया। उनके नेतृत्व में सुज़ुकी मोटर्स ने भारत की सड़कों को बदला, और मारुति सुज़ुकी को हर घर की पहचान बना दिया।”
25 दिसंबर 2024 को 95 वर्ष की आयु में ओसामु सुज़ुकी का निधन हो गया था। वे उन दुर्लभ व्यक्तियों में से थे जिन्होंने अपने दृष्टिकोण और नीतियों से लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए।
प्रार्थना सभा में रही भावुकता की झलक
इस श्रद्धांजलि सभा में सुज़ुकी मोटर कॉर्पोरेशन के वर्तमान ग्लोबल अध्यक्ष टी. सुज़ुकी, और मारुति सुज़ुकी इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन आर. सी. भार्गव समेत कंपनी के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर स्व. सुज़ुकी की याद में मौन रखा और उनके जीवन के प्रेरणादायक सफर को साझा किया।
जीवन यात्रा की प्रदर्शनी – प्रेरणा की झलक
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सैनी ने दिवंगत ओसामु सुज़ुकी की जीवन यात्रा पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में उनके प्रारंभिक दिनों से लेकर सुज़ुकी को एक वैश्विक ब्रांड बनाने तक की यात्रा को रोचक और प्रेरणादायक ढंग से प्रस्तुत किया गया था।
सीएम सैनी की तरफ़ से परिवार और कंपनी को संवेदना
मुख्यमंत्री ने सुज़ुकी मोटर्स से जुड़े अधिकारियों और स्व. सुज़ुकी के परिवारजनों से भेंट कर व्यक्तिगत रूप से संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि,“हरियाणा के लिए ओसामु सुज़ुकी सिर्फ एक उद्योगपति नहीं, बल्कि हमारे आर्थिक और सामाजिक विकास में एक अहम भागीदार थे। उनका जाना एक युग का अंत है।”
ओसामु सुज़ुकी जैसी शख्सियतें विरले ही होती हैं, जिनका प्रभाव सीमाओं से परे जाकर दिलों तक पहुंचता है। भारत और खासकर हरियाणा उनके योगदान को कभी नहीं भुला सकता। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की उपस्थिति इस बात का प्रतीक है कि यह श्रद्धांजलि केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि सच्चे सम्मान और आभार की भावना है।
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