महीनों से चली आ रही केंद्र सरकार ने ट्राईसिटी की सबसे महत्वपूर्ण सड़क परियोजना 6 लेन जीरकपुर-पंचकूला बाईपास के निर्माण कार्य में आखिरी अड़चन दूर कर दी है। हरियाणा के पंचकूला औऱ पंजाब के जीरकपुरको जाम से मुक्त कराने के लिए 6लेन एक्सेस कंट्रोल्ड जीरकपुर बाईपास के निर्माण कार्य को मंजूरी मिल गई है। 19.2 किलोमीटर लंबे रुट बनने से NH-7, NH-5, NH-152 भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों से ट्रैफिक का लोड़ कम होगा । केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने करीब 1,878 करोड़ रुपये की इस परियोजना को अंतिम स्टेज-2 वन मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके साथ ही अब परियोजना के निर्माण कार्य के आवंटन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। अब जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
व्यस्त स्थानों पर ट्रैफिक जाम कम होगा
चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला रोड़ में ट्रैफिक जाम कम होगा और हिमाचल प्रदेश के लिए सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। सुबह और शाम के समय लगने वाले ट्रैफिक से लोगो को बहुत ही दिक्कत का सामना करना पड़ता है, इस बाईपास से ट्रैफिक से राहत मिलेगी इसके बनने से जीरकपुर, बलटाना, हाउसिंग बोर्ड चौक, कालका चौक जैसे व्यस्त स्थानों पर ट्रैफिक जाम कम होगा।दिल्ली, पटियाला, मोहाली एयरोसिटी और हिमाचल प्रदेश के बीच बेहतर कनेक्टिविटी सुगम होगा।
यह ट्राईसिटी रिंग रोड का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे तेज विकास होगा। इसके साथ ही यात्रा समय और प्रदूषण में कमी आएगी। इसके साथ ही यह परियोजना हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (एचएएम) बेस पर होगा।इसके साथ ही जीरकपुर-पंचकूला बाईपास को ट्राईसिटी की सबसे अहम रोड डी-कंजेशन परियोजना माना जा रहा है। इस परियोजना के पूरा होने से चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली के भीतर से गुजरने वाला भारी ट्रैफिक बाहरी मार्गों पर स्थानांतरित हो सकेगा।
इससे न केवल यात्रा समय में कमी, बल्कि सड़क सुरक्षा में सुधार और ईंधन की बचत भी होगी।जीरकपुर बाईपास बनने से संबंधित रूट पर जमीनों के दाम बढ़ेंगे। बाईपास के किनारे वाहनों से संबंधित सर्विसिंग गैराज और दुकानें खुलेंगी, जिससे लोगों को सीधा रोजगार मिलेगा।
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