चंडीगढ़, 02 दिसंबर 2025: मुख्यालय विशेष महानिदेशक, सीमा सुरक्षा बल (पश्चिमी कमान) ने आज बीएसएफ के 60 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हीरक जयंती का आयोजन किया। यह कार्यक्रम दोनों कैंपस—बीएसएफ लखनौर, मोहाली और इंडस्ट्रियल एरिया, फेज-2, चंडीगढ़ में आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता श्री सतीश एस. खंडारे, अपर महानिदेशक, बीएसएफ ने की।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए अपर महानिदेशक ने बीएसएफ की उपलब्धियों और सेवारत एवं सेवानिवृत कर्मियों के लिए सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बीएसएफ की स्थापना 1 दिसंबर 1965 को 25 बटालियन के साथ हुई थी, जो अब बढ़कर 193 बटालियन हो गई हैं। पश्चिमी कमान 2289.66 किलोमीटर लंबी भारत-पाक सीमा की सुरक्षा में लगी हुई है। बल में एयर-विंग, वॉटर विंग और आर्टिलरी रेजिमेंट सहित 2.76 लाख कर्मी तैनात हैं।
इस अवसर पर लखनौर कैंपस में बड़ाखाना और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें जवानों और सेवानिवृत कर्मियों ने भाग लिया। अपर महानिदेशक ने जवानों को शहीदों को श्रद्धांजलि देने और सीमा पर सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया।
बीएसएफ ने वर्ष 2025 में ऑपरेशन सिंदूर, बाढ़ राहत अभियान, एंटी-ड्रोन सुरक्षा और सीमा पार स्मगलिंग रोकने जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य किए। इसके अलावा, कैडर समीक्षा के तहत लगभग 23,000 कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई और अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय खेलों में असाधारण प्रदर्शन करने वाले जवानों को भी आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन प्रदान किया गया।
अपर महानिदेशक ने बलकर्मियों को अपनी जिम्मेदारी का एहसास दिलाते हुए कहा कि बीएसएफ का motto ‘जीवन पर्यन्त कर्तव्य’ के अनुरूप जवानों की सतर्कता और सेवा जारी रहेगी। समारोह का समापन सम्मान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ।
Top Tags