चंडीगढ़, 23 जून: अक्सर देखा गया है कि ब्रश करते समय या कभी-कभी बिना किसी खास वजह के मसूड़ों से खून आ जाता है। कई लोग इसे हल्के में लेते हैं और सोचते हैं कि यह सामान्य बात है, शायद ब्रशिंग का तरीका ठीक नहीं रहा होगा या ब्रश थोड़ा हार्ड है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह साधारण लगने वाली समस्या आपके दिल से जुड़ी बड़ी बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकती है?
मसूड़ों से खून आना केवल एक डेंटल समस्या नहीं है, बल्कि यह शरीर के अंदर चल रही किसी गंभीर बीमारी की ओर इशारा कर सकता है। अगर यह समस्या बार-बार हो रही है, बिना किसी चोट या स्पष्ट कारण के, तो यह जरूरी है कि आप इसे नजरअंदाज न करें।
मसूड़ों से खून आने के पीछे क्या हो सकते हैं कारण?
✅ गलत ब्रशिंग या मुंह की सफाई की कमी
अगर हम रोजाना सही तरीके से दांत साफ नहीं करते, तो प्लाक जमने लगता है जो धीरे-धीरे मसूड़ों में सूजन और ब्लीडिंग की वजह बन सकता है।
✅ मसूड़ों में संक्रमण या सूजन (जैसे जिंजिवाइटिस या पेरिओडोंटाइटिस)
बैक्टीरिया की मौजूदगी मसूड़ों को कमजोर कर देती है जिससे खून आना शुरू हो सकता है।
✅ कठोर ब्रश या तेज ब्रशिंग तकनीक
अगर आप बहुत ज्यादा दबाव से ब्रश करते हैं या ब्रश के ब्रिसल्स बहुत हार्ड हैं तो यह भी मसूड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है।
✅ विटामिन C और K की कमी
ये दोनों विटामिन्स शरीर में ब्लड क्लॉटिंग और टिशू रिपेयर के लिए जरूरी होते हैं। इनकी कमी से भी मसूड़ों से खून आ सकता है।
✅ हार्मोनल बदलाव
गर्भावस्था, मासिक धर्म या मेनोपॉज के समय हार्मोन में बदलाव के कारण भी मसूड़ों की संवेदनशीलता बढ़ जाती है और ब्लीडिंग हो सकती है।
✅ कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट्स
ब्लड थिनर जैसी दवाएं या अन्य मेडिकेशन भी मसूड़ों से खून आने का कारण बन सकती हैं।
क्या यह दिल की बीमारी का संकेत हो सकता है?
विशेषज्ञों के अनुसार, हां – यह संभव है। जब मसूड़ों में लंबे समय तक संक्रमण बना रहता है, तो वहां के बैक्टीरिया रक्त प्रवाह में घुलकर शरीर के अन्य हिस्सों में पहुंच सकते हैं। ये बैक्टीरिया हृदय की रक्त वाहिनियों में सूजन या डैमेज कर सकते हैं, जिससे हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ जाता है। यह स्थिति “पेरिओडोंटल डिजीज” के रूप में जानी जाती है, और इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।
लेकिन हर बार दिल की बीमारी नहीं होती…
यह भी जरूरी है कि हम यह समझें कि हर बार मसूड़ों से खून आने का मतलब दिल की बीमारी नहीं है। यह मसूड़ों की खुद की समस्या भी हो सकती है। पर लगातार या बार-बार खून आना, वह भी बिना किसी चोट या स्पष्ट कारण के, शरीर के अंदर चल रही किसी असंतुलन या बीमारी की चेतावनी जरूर हो सकती है।
अब सवाल है – क्या करना चाहिए?
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सबसे पहले डेंटल चेकअप करवाएं: अगर समस्या बार-बार हो रही है, तो डेंटिस्ट से मिलकर मसूड़ों की जांच करवाएं।
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अगर कोई बड़ी समस्या है तो स्पेशलिस्ट से मिलें: जरूरत पड़ने पर कार्डियोलॉजिस्ट या अन्य विशेषज्ञ से परामर्श लें।
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खानपान पर ध्यान दें: विटामिन C और K से भरपूर आहार लें, जैसे संतरा, ब्रोकली, पालक, टमाटर आदि।
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ब्रश और ब्रशिंग का तरीका बदलें: सॉफ्ट ब्रिसल्स वाला ब्रश इस्तेमाल करें और हल्के हाथ से ब्रश करें।
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मुंह की सफाई को आदत बनाएं: दिन में दो बार ब्रश करें और फ्लॉसिंग को न भूलें।
स्वस्थ मसूड़े – स्वस्थ दिल का संकेत!
कई बार शरीर छोटी-छोटी चीजों के जरिए हमें बड़ी बीमारियों के संकेत देता है। मसूड़ों से खून आना भी ऐसा ही एक इशारा हो सकता है। इसलिए इसे नजरअंदाज न करें, समय रहते जांच और इलाज करवाएं। क्योंकि अगर शुरुआत में ही बीमारी को पकड़ लिया जाए तो उसे गंभीर बनने से रोका जा सकता है।
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