भारत-ब्रिटेन के रिश्तों में नया इतिहास: अब व्यापार और भरोसे का होगा नया युग!

चंडीगढ़, 24 जुलाई: भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच संबंधों में एक नया और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ने जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में दोनों देशों की आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक साझेदारी को नई दिशा देगा। लंबे समय से प्रतीक्षित और कई महीनों की बातचीत के बाद, भारत और ब्रिटेन एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement – FTA) पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर करने जा रहे हैं। इस समझौते को केवल व्यापार का ही नहीं, बल्कि रणनीतिक संबंधों की दृष्टि से भी एक बड़ी छलांग माना जा रहा है।

34 अरब डॉलर से अधिक का व्यापार होगा साकार

यह समझौता हर वर्ष अनुमानित 34 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार को गति देगा। खास बात यह है कि ब्रेक्जिट यानी यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के अलग होने के बाद यह भारत और ब्रिटेन के बीच अब तक का सबसे बड़ा और सबसे प्रभावशाली आर्थिक समझौता है। इसके जरिए भारत को ब्रिटिश बाजार में मजबूत पकड़ बनाने का अवसर मिलेगा, वहीं ब्रिटेन को भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण बाजार में कारोबार के नए आयाम मिलेंगे।

बाजारों में कीमतें गिरेंगी, उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा

समझौते के सबसे आकर्षक पहलुओं में से एक यह है कि इससे दोनों देशों के उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। ब्रिटेन से भारत आने वाले उत्पादों पर जो आयात शुल्क (Import Duty) पहले लगभग 15% के आसपास था, वह अब घटकर औसतन सिर्फ 3% रह जाएगा। इसका मतलब है कि ब्रिटेन से आयातित वस्तुएं जैसे कोल्ड ड्रिंक्स, कॉस्मेटिक्स, वाहन (कारें) और मेडिकल डिवाइसेज अब भारतीय बाजार में काफी सस्ते दामों पर उपलब्ध होंगे।

भारत के उत्पादों की ब्रिटिश बाजार में बढ़ेगी पूछ

वहीं दूसरी ओर, भारत से ब्रिटेन को निर्यात होने वाले वस्तुओं पर टैक्स में राहत दी जाएगी। वर्तमान में ब्रिटेन हर साल भारत से करीब 11 अरब पाउंड का सामान खरीदता है। अब भारतीय टेक्सटाइल, मसाले, दवाइयाँ, ऑटो पार्ट्स जैसे उत्पादों की मांग ब्रिटेन में और अधिक बढ़ेगी, क्योंकि अब इन पर टैक्स कम लगेगा। इससे भारत का निर्यात बढ़ेगा और स्थानीय उद्योगों को नया बल मिलेगा।

2035 तक साझेदारी का रोडमैप भी तैयार

इस ऐतिहासिक व्यापार समझौते के साथ-साथ भारत और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री — नरेंद्र मोदी और कीर स्टार्मर — ‘यूके-भारत विज़न 2035’ की भी घोषणा करेंगे। यह एक रणनीतिक योजना है, जिसका उद्देश्य आने वाले 10 वर्षों तक तकनीकी नवाचार, निवेश, ऊर्जा सहयोग, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को गहराना है।

रोजगार और निवेश के नए अवसर

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इसे ब्रिटेन के लिए “एक बड़ी उपलब्धि” बताया है। उनका मानना है कि इस समझौते से दोनों देशों के उद्योगों, निवेशकों और व्यापारियों को नए अवसर मिलेंगे और इससे हजारों लोगों के लिए रोजगार के द्वार खुलेंगे। यह सिर्फ व्यापार का समझौता नहीं है, बल्कि यह आर्थिक प्रगति और सामाजिक समृद्धि की नई नींव भी रखता है।

इस डील से होंगे ये खास फायदे:

  • दोनों देशों के व्यापार को नई रफ्तार मिलेगी।

  • भारतीय उत्पादों की ब्रिटिश बाजार में मांग और बिक्री में इजाफा होगा।

  • ब्रिटेन से आने वाले कई उत्पाद अब भारतीय बाजार में सस्ते दामों पर मिलेंगे।

  • टेक्नोलॉजी, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

  • दोनों देशों के बीच निवेश और रोजगार के अवसरों में भारी बढ़ोतरी होगी।

  • भारत-ब्रिटेन संबंधों को दीर्घकालीन मजबूती मिलेगी।