चंडीगढ़, 14 जुलाई: पवित्र अमरनाथ यात्रा के दौरान आस्था और विश्वास का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। हर दिन हज़ारों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए कठिनाइयों को पार कर हिमालय की गुफा की ओर बढ़ रहे हैं। 3 जुलाई को शुरू हुई इस यात्रा को अभी महज़ 11 दिन ही हुए हैं, लेकिन अब तक 2 लाख से भी अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं।
इस श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए, सोमवार को 6,143 तीर्थयात्रियों का एक और जत्था जम्मू से कश्मीर की ओर रवाना हुआ। सुबह की पहली किरण के साथ ही भगवती नगर यात्री निवास से यात्रा की तैयारियाँ पूरी की गईं और सुरक्षा दस्तों की निगरानी में श्रद्धालुओं को रवाना किया गया।
नया जत्था, नई ऊर्जा
जम्मू प्रशासन ने जानकारी दी कि इस नए जत्थे को दो सुरक्षा काफिलों में रवाना किया गया:
🔹 पहला काफिला:
सुबह 3:30 बजे, 2,215 यात्रियों को लेकर 100 वाहनों का काफिला बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुआ।
🔹 दूसरा काफिला:
सुबह 4:00 बजे, 3,928 यात्रियों को लेकर 135 वाहनों का काफिला नुनवान (पहलगाम) आधार शिविर की ओर निकला।
इन काफिलों को भेजने से पहले जम्मू से लेकर गुफा मंदिर तक की पूरी यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए।
सुरक्षा के अभेद्य इंतज़ाम
पिछले दिनों पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। उस हमले में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने निर्दोष नागरिकों की जान ली थी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
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180 अतिरिक्त सीएपीएफ कंपनियां अब सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर सुरक्षा दे रही हैं।
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भगवती नगर यात्री निवास से लेकर अमरनाथ गुफा तक के हर पड़ाव, हर शिविर और हर मार्ग को कड़ी सुरक्षा में लिया गया है।
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बालटाल और पहलगाम दोनों ही मार्गों पर हर पारगमन शिविर और पड़ाव को सीसीटीवी निगरानी और जवानों की मौजूदगी से पूर्ण रूप से सुरक्षित बनाया गया है।
यात्रा मार्ग की जानकारी
1. पहलगाम मार्ग:
यह मार्ग लगभग 46 किलोमीटर लंबा है और तीर्थयात्रियों को चंदनवाड़ी, शेषनाग, और पंचतरणी होते हुए गुफा तक पहुंचना होता है। इस मार्ग को तय करने में करीब 4 दिन लगते हैं।
2. बालटाल मार्ग:
यह मार्ग अपेक्षाकृत छोटा है, केवल 14 किलोमीटर लंबा। इस रास्ते पर चलने वाले श्रद्धालु एक ही दिन में गुफा के दर्शन करके वापस आधार शिविर लौट सकते हैं।
🛑 महत्वपूर्ण सूचना:
इस साल सुरक्षा कारणों से हेलीकॉप्टर सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं। सभी श्रद्धालुओं को पूरी यात्रा पैदल ही तय करनी होगी।
यात्रा का समय
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यात्रा आरंभ: 3 जुलाई 2025
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यात्रा की अवधि: कुल 38 दिन
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समापन: 9 अगस्त 2025 को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के पावन अवसर पर
श्रद्धालुओं की श्रद्धा सर्वोपरि
हर साल अमरनाथ यात्रा के दौरान प्राकृतिक कठिनाइयों, मौसम की बेरुखी और लंबी पैदल यात्रा के बावजूद लाखों श्रद्धालु ‘हर हर महादेव’ के जयकारों के साथ बाबा बर्फानी के दर्शन को पहुंचते हैं। इस वर्ष भी वैसी ही अपार श्रद्धा देखने को मिल रही है। प्रशासन की कोशिश है कि हर श्रद्धालु को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिले।
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