राजधानी जयपुर में गुरुवार को 78वें सेना दिवस के मौके पर पहली बार सैनिक छावनी से बाहर आर्मी की परेड हुई. जगतपुरा में महल रोड पर आयोजित आर्मी डे परेड देखने लाखों लोग उमड़े, परेड को देखने डेढ़ लाख से ज्यादा लोग पहुंचे. आर्मी डे परेड में लोग सड़कों पर ब्रह्मोस मिसाइल और पिनाका लॉन्चर समेत आसमान में अपाचे हेलीकॉप्टर के होश उड़ाने वाले करतब देख रोमांचित हो उठे. बीकानेर के नाल एयरबेस से उड़ान भरकर आए जैगुआर फाइटर जेट्स ने भी आर्मी-डे परेड में फॉर्मेशन दिखाए. इस मौके पर दर्शकों ने सड़क पर भीष्म और अर्जुन टैंक भी देखे.
परेड की शुरुआत में ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए जवानों को सेना मेडल से सम्मानित किया गया. इसके बाद गैलेंट्री अवॉर्ड से सम्मानित आर्मी ऑफिसर्स ने परेड कमांडर को सलामी दी. अशोक चक्र, परमवीर चक्र और महावीर चक्र से सम्मानित आर्मी ऑफिसर्स ने परेड का नेतृत्व किया. इस मौके पर दर्शकों को सेना की विकास यात्रा से संबंधित एक फिल्म भी दिखाई गई. आर्मी डे परेड में नेपाल का आर्मी बैंड भी शामिल हुआ, जो भारत-नेपाल की सेना के बीच स्थायी मित्रता का संदेश देता है.
जहां हजारों लोग इस करतब के साक्षी बने वही एक हृदय छू लेने वाली घटना भी घटी बतादें ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए 1 पैरा स्पेशल फोर्स के जवान लान्स नायक प्रदीप कुमार की मां सेना मेडल लेते हुए मंच पर बेहोश हो गई इसके बाद मंच पर मौजूद सेना के अधिकारियों ने उन्हें संभाला और आर्मी अस्पताल पहुंचाया ।आर्मी-डे परेड में मुख्य अतिथि मिजोरम के राज्यपाल वीके सिंह समेत राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, सीएम भजनलाल शर्मा, डिप्टी सीएम दीया कुमारी, कई मंत्री, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान समेत सेना के कई अधिकारी शामिल हुए.
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