आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को पाकिस्तान को करारा जबाब देते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है। भविष्य में किसी भी तरह के आतं/की या सैन्य दुस्साहस के लिए हम पूरी तरह तैयार है। भारत पूरी ताकत से जवाब देगा। भारतीय सेना प्रमुख जनरल ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि सीमा के उस पार इंटरनेशनल बॉर्डर (IB) और नियंत्रण रेखा (LoC) के सामने अब भी 8 आतंकी ट्रेनिंग कैंप सक्रिय हैं जिसमें ट्रेनिंग जैसी गतिविधि चल रही है और भारतीय सेना उन पर लगातार नजर रखे हुए है. उन्होंने कहा कि अगर इन कैंपों से कोई भी उकसावे वाली कार्रवाई होती है, तो भारत दोबारा सख्त जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा. सेना नजर बनाए हुए है, एक भी गलती पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा।
सेना प्रमुख ने बताया कि कुल 8 आतंकी ट्रेनिंग कैंप के बारे में जानकारी देते हुए कहा इनमें से 2 इंटरनेशनल बॉर्डर पर और 6 लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) के पास मौजूद हैं. उन्होंने कहा कि खुफिया एजेंसियों के इनपुट के आधार पर सेना लगातार निगरानी कर रही है. उन्होंने आगे कहा कि इन कैंपों में 100-150 आतंकी होंगे
भारतीय सेना फिर से कार्रवाई करेगी
जनरल द्विवेदी ने कहा कि अगर इन आतं/की ठिकानों से किसी भी तरह की हरकत होती है, तो भारतीय सेना फिर से कार्रवाई करेगी. उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर, थलसेना, वायुसेना और नौसेना के तालमेल का बेहतरीन उदाहरण है। ऑपरेशन सिंदूर में 100 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है और सेना पूरी तरह सतर्क है. उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद DGMO स्तर की बैठक में यह तय हुआ था कि दोनों देशों की सेनाएं अपनी फॉरवर्ड तैनाती कम करेंगी. तनाव के समय दोनों ओर से जो सैन्य मूवमेंट हुआ था, उसे अब तय स्थानों पर वापस ले जाया गया है. जनरल द्विवेदी ने कहा कि पहली बार भारत ने परमाणु और पारंपरिक युद्ध के बीच की क्षमता का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन किया. इससे यह साफ हो गया कि भारत हर स्तर पर जवाब देने में सक्षम है.
हाल ही में रविवार को बॉर्डर के पास देखे गए ड्रोन रक्षात्मक ड्रोन थे, जो यह देखने की कोशिश कर रहे थे कि कोई कार्रवाई तो नहीं हो रही है। वे जांचना चाहते हैं कि भारतीय सेना कहीं कोई कमी या ढिलाई तो नहीं कर रही, जिससे वे आतंकियों को भेज सकें। आर्मी चीफ बोले- वे बहुत छोटे ड्रोन हैं। ये लाइट जलाकर उड़ते हैं। बहुत अधिक ऊंचाई पर नहीं उड़ते और बहुत कम ही दिखाई दिए हैं। 10 जनवरी को लगभग 6 ड्रोन देखे गए, जबकि 11 और 12 जनवरी को 2 से 3 ड्रोन दिखाई दिए।
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