पंजाब के अमृतसर में विशाल नगर कीर्तन के आयोजन की आज शुरुआत हो गई है।
बतादें सिख धर्म के चौथें गुरु श्री रामदास जी के प्रकाश पर्व पर नगर कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है ।
श्री अकाल तख्त साहिब से सुबह 10 बजे नगर कीर्तन आरंभ हुआ है। इस अवसर पर सतनाम सिंह ने प्रकाश पर्व की बधाई दी है।
यह नगर कीर्तन प्लाजा घंटा घर ,जलियांवाला बाग, घी मंडी चौक, शेरा वाला गेट , लोहगढ़ गेट, लाहौरी गेट, बेरी गेट, खजाना गेट, गेट हकीमा, भगता वाला चौक, घाटी विंड गेट, सुल्तानविंड गेट,और दोबारा घी मंडी चौक से होते हुए श्री अकाल तख्त साहिब पर संपन्न होगा
वही SGPC के सेक्रेटरी प्रताप सिंह ने बताया कि गुरु पर्व के दिन जो 8 अक्टूबर को है पूरे दिन धार्मिक दीवान सजाए जाएंगे।
साथ ही गोल्डन टैपल, श्री अकाल तख्त साहिब और गुरुद्वारा बाबा अटल राय साहिब में विशेष सजावट की जाएगी इसके साथ साथ इस दिन बेहतर आतिशबाजी भी होगी।
उन्होंने बताया आज के दिन यानी 7 अक्टूबर को रात में गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब दीवान हॉल में राग दरबार एवं पारंपरिक शबद कीर्तन दरबार का भी आयोजन होगा जिसमें पंथ के फेमस रागी जत्थे राग आधारित कीर्तन संगत को सुनाएंगे। इसके साथ ही रंगों की आतिशबाजी से नगर कीर्तन का भव्य स्वागत किया गया ।
स्वर्ण मंदिर का निर्माण कब हुआ
श्री गरु रामदास जी का जन्म 24 सितंबर, 1534 को लाहौर में हुआ था । 1 सितंबर 1574 को उन्हें सिखों के चौथे गुरु ते रुप में गुरुगद्दी सौंपी गई थी । 30 रागों में 638 भजनों की रचना की जो श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी में संकलित है। गुरु रामदास जी ने एक सरोवर के किनारे डेरा डाला था ।जिसके जल को पवित्र माना गया। इसी स्थान पर उन्होंने अमृतसर शहर की नींव रखी । उनके बेटे गुरु अर्जन देव जी ने इसी स्थान पर स्वर्ण मंदिर का निर्माण कराया।
चारों तरफ हर्ष और उल्लास का माहौल
स्कूली बच्चों ने नगर किर्तन के स्वागत में बैंड बजाया इसके साथ ही बच्चों ने नगर किर्तन में शबद कीर्तन भी किया। बच्चों ने गतका में भी भाग लिया। श्रद्दालुओं ने लंगर भी लगाया । नगर कीर्तन में निहंगों ने हथि/यार के साथ करतब भी दिखाया । चारों तरफ हर्ष और उल्लास का माहौल है। रिपोर्ट न्यूज पीडीया24
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