अमेरिका और इजरायल ने मिलकर बड़े पैमाने पर ईरान पर सैन्य ह/मले किए। अमेरिका ने इस अभियान को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम दिया है, तो वहीं इजरायल ने इसे ‘लायन्स रोर’ नाम दिया है। इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई मारे गए। उनके साथ उनके परिवार के कई और लोग भी मारे गए। इसके साथ ही कई ईरानी सैन्य कमांडर भी मारे गए। बड़े पैमाने पर तबाई शुरु हो गई है।
इन हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में स्थिति अचानक बिगड़ गई है। इसी कड़ी में भारत ने भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं कि इन अंर्तराष्ट्रीय घटनाओं का असर देश पर न पड़ें और शांति व्यवस्था सुचारु रुप से कायम रहें । इस जंग के बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की ओर से कश्मीर को लेकर बहुत बड़ा फैसला लिया गया है.
इसके तहत अब कश्मीर में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है. कश्मीर में फिलहाल लोग इंटरनेट इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. श्रीनगर समेत घाटी के कई क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट की गति अस्थायी रूप से कम कर दी गई है. यह कदम संभावित विरोध प्रदर्शनों और अफवाहों के प्रसार को रोकने के लिए उठाया गया.
रिपोर्ट्स के अनुसार, मंत्रालय ने हालिया सैन्य घटनाक्रम को लेकर आगाह किया है कि विदेशी घटनाओं का असर देश के भीतर भी दिख सकता है, विशेषकर धार्मिक सभाओं, जुलूसों या सार्वजनिक बैठकों के दौरान. राज्यों को संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी रखने और स्थानीय प्रशासन को अलर्ट मोड में रखने के निर्देश दिए गए हैं
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