चंडीगढ़, 29 जुलाई: अमरनाथ यात्रा 2025 अपनी गति और भक्ति दोनों में चरम पर पहुंच चुकी है। मंगलवार तड़के जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से 1,490 तीर्थयात्रियों का 27वां जत्था सुरक्षा घेरे में रवाना हुआ।
यह जत्था कुल 61 वाहनों में सवार होकर, सुबह 3:25 से 3:57 बजे के बीच बाबा बर्फानी के पवित्र दर्शन के लिए दक्षिण कश्मीर की ओर प्रस्थान कर गया।
अब तक 3.86 लाख श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन
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3 जुलाई से शुरू हुई 38 दिवसीय यात्रा अब आधे से अधिक पड़ाव पार कर चुकी है।
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3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा में भगवान शिव के बर्फ से बने दिव्य शिवलिंग के दर्शन हेतु अब तक 3.86 लाख से अधिक भक्त पहुंच चुके हैं।
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हर दिन श्रद्धालुओं का उत्साह और विश्वास सरकार व स्थानीय प्रशासन के प्रबंधन को सफल बना रहा है।
कौन-कौन शामिल है इस जत्थे में?
| श्रेणी | संख्या |
|---|---|
| पुरुष तीर्थयात्री | 1,262 |
| महिलाएं | 186 |
| साधु-साध्वी | 42 |
| कुल वाहन | 61 |
CRPF और जम्मू-कश्मीर पुलिस की सुरक्षा निगरानी में यह जत्था रवाना किया गया, ताकि यात्रा न केवल आध्यात्मिक रूप से सफल हो, बल्कि सुरक्षित और व्यवस्थित भी बनी रहे।
सुरक्षा, स्वास्थ्य और सेवा – सब कुछ है तैयार
अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष की यात्रा में:
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हर पड़ाव पर स्वास्थ्य शिविर, आपातकालीन सेवाएं, और चिकित्सकीय दल तैनात हैं।
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सुरक्षा व्यवस्था सख्त है – ड्रोन, CCTV, RFID कार्ड से निगरानी की जा रही है।
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भोजन, जल और रुकने की समुचित व्यवस्था के लिए स्थानीय प्रशासन, लंगर समितियां और स्वयंसेवी संगठन सक्रिय हैं।
यात्रा का समापन और लक्ष्य
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यात्रा का समापन इस वर्ष 9 अगस्त, रक्षाबंधन के दिन होगा।
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2024 में 5.10 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे, और इस बार उम्मीद की जा रही है कि संख्या 6 लाख पार कर सकती है।
अमरनाथ – सिर्फ यात्रा नहीं, एक भावनात्मक अनुभव
यह तीर्थयात्रा सिर्फ पहाड़ों में चढ़ाई नहीं, बल्कि आस्था, आत्मविश्वास और आत्मसमर्पण की अनुभूति है।
बाबा बर्फानी की शरण में आने वाले हर यात्री को, चाहे वह पहली बार आ रहा हो या वर्षों से चला आ रहा हो, मन की शांति और अध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है।
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