Amarnath Yatra 2025: जम्मू से पहले जत्थे की रवानगी, पूरी तैयारियों और सुरक्षा इंतजामों के साथ शुरू होगा पवित्र सफर!

चंडीगढ़, 2 जुलाई: हर साल करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक बनने वाली पवित्र अमरनाथ यात्रा का शुभारंभ इस वर्ष 2 जुलाई (बुधवार) से जम्मू से हो गया है। भगवती नगर आधार शिविर से पहला जत्था विशेष धार्मिक उत्साह और कड़ी सुरक्षा के बीच रवाना किया गया। अब वीरवार से यह यात्रा औपचारिक रूप से कश्मीर घाटी के दो प्रमुख मार्गों से शुरू होगी, जो श्रद्धालुओं को लगभग 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा तक पहुंचाएगी।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दिखाई यात्रा को हरी झंडी

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भगवती नगर यात्री निवास से यात्रा के पहले जत्थे को झंडी दिखाकर रवाना किया। यह एक ऐसा क्षण था जब भक्ति और सुरक्षा दोनों का अद्भुत संगम देखने को मिला। गुफा तक पहुंचने के लिए श्रद्धालु दो मार्गों से यात्रा करेंगे—एक पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा नुनवान-पहलगाम मार्ग (जिला अनंतनाग में), और दूसरा 14 किलोमीटर का बालटाल मार्ग (जिला गांदरबल में)।

हज़ारों श्रद्धालु पहुंच चुके हैं जम्मू, पंजीकरण भी शुरू

जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर में अब तक 3,500 से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके हैं और लगातार श्रद्धालुओं का आना जारी है। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि स्थल पर ही पंजीकरण की व्यवस्था की गई है, ताकि बिना रजिस्ट्रेशन के आए श्रद्धालुओं को परेशानी न हो। अब तक लगभग 4,000 टोकन वितरित किए जा चुके हैं

उप संभागीय मजिस्ट्रेट मनु हंसा के अनुसार, पंजीकरण तीन केंद्रोंवैष्णवी धाम, पंचायत भवन और महाजन सभा — पर किया जा रहा है। इसके अलावा शालीमार इलाके में विशेष पंजीकरण केंद्र भी खोले गए हैं, जहां गैर-पंजीकृत तीर्थयात्री मौके पर ही रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।

सुरक्षा चाक-चौबंद, हर स्तर पर सतर्कता

यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन ने जम्मू और कश्मीर दोनों ही क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं। हाइवे से लेकर शिविरों तक, हर जगह सुरक्षाबलों की तैनाती है। ड्रोन निगरानी, CCTV कैमरे, और QRT टीमें (Quick Reaction Teams) लगातार सक्रिय हैं।

मुख्य सचिव ने किया शिविर का निरीक्षण, तैयारियों पर संतोष व्यक्त किया

जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने मंगलवार को यात्रा की तैयारियों की समग्र समीक्षा की। उन्होंने भगवती नगर आधार शिविर का दौरा किया और सुरक्षा, स्वच्छता, जलापूर्ति, चिकित्सा सुविधा, यातायात व्यवस्था जैसी बारीकियों की विस्तृत समीक्षा की।

उन्होंने कहा:

“मैंने शिविर का दौरा किया है और संतुष्ट हूं कि सभी विभागों ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए हर आवश्यक उपाय कर लिए गए हैं। यह यात्रा श्रद्धा और सेवा दोनों का संगम है।”

38 दिनों तक चलेगी यात्रा

अमरनाथ यात्रा 38 दिनों तक चलेगी, और इसका समापन श्रावण पूर्णिमा के दिन होगा। इस दौरान लाखों श्रद्धालु बर्फ से बने शिवलिंग के दर्शन करने गुफा तक पहुंचते हैं। यह न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि साहस, धैर्य और श्रद्धा की भी एक अनुपम मिसाल है।

श्रद्धा, सुरक्षा और सेवाभाव की संगम यात्रा

प्रशासन, सुरक्षाबल, स्वयंसेवक संस्थाएं और स्थानीय लोग — सब मिलकर यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि हर श्रद्धालु की यह यात्रा सुखद, सुरक्षित और यादगार बने।