कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के बाद पंजाब में नदी-नाले उफा/न पर हैं, हालात ऐसे हो गए हैं कि नदियों का पानी शहरों में आ चुका है,पंजाब में बा/ढ़ की भया/वह स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त और प्राइवेट स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और पॉलिटेक्निक संस्थानों को 7 सितंबर 2025 तक बंद रखने का फैसला किया है। यह घोषणा बुधवार को पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने की। इससे पहले सरकार ने 3 सितंबर तक शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टियां घोषित की थीं, जिसे अब बढ़ा दिया गया है।
शिक्षा मंत्री ने X पर किया पोस्ट
शिक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपने बयान में कहा, ‘मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशानुसार, बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए पंजाब भर के सभी शैक्षणिक संस्थान 7 सितंबर तक बंद रहेंगे। सभी से अनुरोध है कि स्थानीय प्रशासन के दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करें।’ यह निर्णय हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद सतलुज, व्यास, रावी और घग्घर नदियों में उ/फा/न के कारण लिया गया है, जिसने पंजाब में बा/ढ़ की स्थिति को और गं/भी/र कर दिया है।
37 साल बाद सबसे भयावह बाढ़
1988 के बाद सबसे भीषण बा/ढ़ का मं/ज/र पंजाब में देखने को मिल रहा है। भारी बारिश से सतलुज, व्यास, रावी और घग्घर नदियां ख/त/रे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे 12 जिले जलमग्न हो गए हैं। बा/ढ़ के कारण अब तक 30 लोगों की जा/न जा चुकी है, जबकि 3.50 लाख से अधिक लोग प्रभा/वित हुए हैं। गुरदासपुर, फिरोजपुर, अमृतसर और होशियारपुर जैसे जिले सबसे अधिक प्रभावि/त हैं। रिपोर्ट न्यूज पीडिया24
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