भारत की एयरस्ट्राइक से सहमे पड़ोसी, श्रीलंका ने पाकिस्तान पर उठाया बड़ा कदम!

चंडीगढ़, 8 मई: भारत की ओर से हाल ही में किए गए सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की गूंज सिर्फ पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले इलाकों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसका प्रभाव पड़ोसी देशों में भी साफ़ तौर पर महसूस किया जा रहा है। श्रीलंका, जो क्षेत्रीय शांति और हवाई यातायात की सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क है, ने पाकिस्तान की ओर जाने वाली अपनी एक प्रमुख सेवा को फिलहाल के लिए स्थगित कर दिया है।

श्रीलंका की सरकारी विमानन कंपनी ‘श्रीलंकन एयरलाइंस’ ने गुरुवार को घोषणा की कि वह लाहौर के लिए संचालित होने वाली अपनी सभी उड़ानों को अस्थायी रूप से रद्द कर रही है। यह फैसला उस समय लिया गया जब पाकिस्तान ने कश्मीर क्षेत्र में बढ़ते तनाव और भारत की हालिया सैन्य कार्रवाई को देखते हुए कुछ हवाई अड्डों पर उड़ानों के संचालन को बंद कर दिया। फिलहाल, कराची के लिए उड़ानें यथावत जारी रहेंगी, लेकिन लाहौर की साप्ताहिक चार उड़ानों को अगले आदेश तक रद्द कर दिया गया है।

सूत्रों का कहना है कि यह निर्णय कश्मीर क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव और सुरक्षा खतरों के मद्देनज़र लिया गया है। दरअसल, बुधवार की रात पाकिस्तान सरकार ने लाहौर और इस्लामाबाद हवाई अड्डों पर सभी वाणिज्यिक उड़ानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया था। हालांकि, कराची हवाई अड्डे को अभी संचालन में रखा गया है, यह जानकारी पाकिस्तान हवाई अड्डा प्राधिकरण (PAA) की ओर से दी गई।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए एक भीषण आतंकी हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया है। दो सप्ताह पहले हुए इस हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी। इसके बाद मंगलवार देर रात भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए। इन ठिकानों में बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा का बड़ा अड्डा भी शामिल है।

भारतीय हमले की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पाकिस्तानी सेना के अनुसार इन मिसाइल हमलों में अब तक 31 लोगों की जान जा चुकी है और 57 से अधिक लोग घायल हुए हैं। ये हमले आधी रात के बाद उस समय किए गए जब अधिकतर लोग सो रहे थे, जिससे नुकसान और भय दोनों अधिक गहराए हैं।

श्रीलंका की यह त्वरित प्रतिक्रिया इस ओर इशारा करती है कि भारत की सख्त सैन्य नीति और रणनीतिक सर्जिकल स्ट्राइक से क्षेत्रीय देशों की सुरक्षा नीतियों पर भी प्रभाव पड़ा है। श्रीलंका की सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने नागरिकों और उड़ान कर्मचारियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगी और इसी के तहत यह कदम उठाया गया है।

भारत का ‘ऑपरेशन सिंदूर’ न केवल आतंक के ठिकानों पर सटीक प्रहार था, बल्कि यह संदेश भी था कि देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों को अब मुंहतोड़ जवाब मिलेगा — चाहे वे कहीं भी हों।