Ahmedabad Plane Crash 2025 Update: ब्रिटेन के परिवारों को सौंपे गए गलत शव, Air India पर लापरवाही के गंभीर आरोप!

चंडीगढ़, 24 जुलाई:  DNA जांच में बड़ा खुलासा, 12 ब्रिटिश नागरिकों के शव किसी और के निकले-अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया के दर्दनाक विमान हादसे के बाद एक और मानवीय त्रासदी सामने आई है, जिसने पीड़ित परिवारों की वेदना को और गहरा कर दिया है। लंदन में पीड़ित ब्रिटिश परिवारों की ओर से लगाए गए आरोपों के अनुसार, कम से कम 12 शव गलत परिवारों को सौंपे गए हैं। यह खुलासा तब हुआ जब DNA परीक्षण के जरिए मृतकों की पहचान की दोबारा पुष्टि की गई।

क्या है पूरा मामला?

कुछ महीने पहले अहमदाबाद में हुए एक भयावह विमान हादसे में एयर इंडिया के विमान के क्रैश हो जाने से 269 लोगों की जान चली गई थी, जिनमें यात्रियों के साथ-साथ क्रू मेंबर भी शामिल थे। मरने वालों में 52 ब्रिटिश नागरिक भी थे। हादसे की भयावहता इतनी गंभीर थी कि कई शव पूरी तरह से जल और क्षत-विक्षत हो गए थे, जिससे पहचान लगभग असंभव हो गई थी।

इसलिए, शवों की पहचान DNA जांच के आधार पर की गई और फिर मृतकों के अवशेष उनके परिजनों को सौंपे गए। लेकिन जब इन शवों की ब्रिटेन में दोबारा फॉरेंसिक जांच हुई, तो सामने आया कि कम से कम 12 शव गलत पहचान के तहत भेजे गए हैं।

ब्रिटिश परिवारों की व्यथा और बढ़ी

DNA मिलान नहीं होने की पुष्टि लंदन के वेस्ट लंदन कोरोनर, डॉ. फियोना विलकॉक्स ने की है। जब जांच में सामने आया कि जो अवशेष लौटाए गए वे संबंधित मृतक के नहीं हैं, तब कई परिवारों को अपना तय अंतिम संस्कार रोकना पड़ा। कुछ परिवारों को अपने प्रियजन का अंतिम दर्शन भी नहीं मिल सका, और जो शव उन्हें सौंपे गए, वे अज्ञात व्यक्तियों के निकले।

वकील जेम्स हीली प्रैट, जो इन परिवारों की कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं, ने कहा,

“मैं एक महीने से इन परिवारों के बीच बैठा हूं। ये लोग बस यही चाहते हैं कि उन्हें अपने प्रियजनों के सही अवशेष वापस मिलें। लेकिन उन्हें गलत शव सौंपे गए हैं — और कुछ को अभी तक कुछ भी नहीं मिला।”

उन्होंने इसे “एक चौंकाने वाली लापरवाही और मानवीय असंवेदनशीलता” बताया और कहा कि पीड़ितों के परिवारों को इस गलती की स्पष्ट जवाबदेही और माफी मिलनी चाहिए।

एक से ज्यादा शव एक ही ताबूत में, धार्मिक रीति भी टूटी

जांच में एक और गंभीर पहलू सामने आया है — कुछ ताबूतों में एक से अधिक व्यक्तियों के अवशेष पाए गए, जिन्हें अंतिम संस्कार से ठीक पहले अलग किया गया। यह स्थिति उन परिवारों के लिए बेहद कठिन रही, जिनके लिए धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करना अंतिम विदाई का महत्वपूर्ण हिस्सा था। कुछ को प्लास्टिक कंटेनरों में राख और हड्डियाँ सौंप दी गईं, जिनकी पहचान एक बार फिर से अधूरी निकली।

अब उठते हैं कई गंभीर सवाल

  • क्या यह गलती केवल 12 शवों तक सीमित है, या मामला और भी बड़ा है?

  • यदि यह अवशेष गलत हैं, तो वास्तव में ये किसके हैं?

  • एयर इंडिया और संबंधित प्रशासन ने इस त्रुटि की जांच शुरू की है या नहीं?

वर्तमान में एयर इंडिया की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, जो कि और भी चिंता का विषय बनता जा रहा है। पीड़ित परिवारों की तरफ से औपचारिक जांच और न्याय की मांग की जा रही है।

जमीन से टकराकर आग का गोला बना था विमान

इस हादसे की पृष्ठभूमि की बात करें तो, विमान जब अहमदाबाद में लैंडिंग की तैयारी में था, तभी तकनीकी गड़बड़ी के चलते वह रनवे को पार कर गया और पास की इमारत से टकरा गया। टक्कर के साथ ही विमान में भयंकर विस्फोट हुआ और यह 1500 डिग्री सेल्सियस तक की तीव्रता वाली आग में तब्दील हो गया। इससे अधिकतर शवों की पहचान बेहद कठिन हो गई, और यही त्रुटियां आगे चलकर भयंकर मानवीय भूलों का कारण बन गईं।

क्या अब भी समय है सुधार का?

यह घटना न सिर्फ तकनीकी विफलता का उदाहरण है, बल्कि असंवेदनशील प्रशासनिक व्यवहार का भी दर्पण बन चुकी है। जब लोग अपने मृत प्रियजनों के आखिरी संस्कार की तैयारी करते हैं, तब ऐसी गलती भावनात्मक रूप से उन्हें तोड़ देती है।

अब ज़रूरत है कि एयर इंडिया और संबंधित एजेंसियां पूरी पारदर्शिता के साथ जांच कराएं, पीड़ित परिवारों को स्पष्ट जानकारी दें और यदि गलती हुई है तो खुलेआम माफी मांगे व मुआवजा दें।