अमेरिका में छोटे कारोबारियों को मिलने वाले सरकारी कर्ज यानी SBA लोन के नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। इसका बड़ा असर ग्रीन कार्ड धारकों पर पड़ेगा, अमेरिका में छोटे कारोबारियों को मिलने वाले सरकारी कर्ज को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। नया नियम 1 मार्च, 2026 से लागू होगा। बतादें अब अमेरिका में 100 फीसदी मालिकाना हिस्सेदारी वालों को ही SBA से लोन लेने के लिए अनुमति मिली है। अब अमेरिका में US स्मॉल बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (SBA) ने एक नई नीति का ऐलान किया है। इसके तहत अब ग्रीन कार्ड धारक यानी लीगल परमानेंट रेजिडेंट्स (LPRs) SBA समर्थित लोन नहीं ले पाएंगे। यह नया नियम 1 मार्च, 2026 से लागू होगा। इस फैसले के बाद अमेरिका की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। इसके बाद से डेमोक्रेटिक पार्टी ने इसे लेकर ट्रंप प्रशासन पर तीखा हमला बोला है।
नई गाइडलाइन क्या है
नई गाइडलाइन के अनुसार, अब किसी भी छोटे बिजनेस को SBA से लोन लेने के लिए उसकी 100 फीसदी मालिकाना हिस्सेदारी अमेरिकी नागरिकों या अमेरिकी नेशनल्स के पास होनी जरूरी होगी। सभी मालिकों का अमेरिकी नागरिक होना अनिवार्य होगा। उनका मुख्य निवास भी अमेरिका या उसके अधीन क्षेत्रों में होना चाहिए। यह बदलाव SBA के स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) 50 10 8 के तहत किया गया है और इसे एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर से जोड़ा गया है।
इसका बड़ा असर ग्रीन कार्ड धारकों पर
इस नियम का सबसे बड़ा असर ग्रीन कार्ड धारकों पर पड़ेगा। साफ तौर पर कहा गया है कि लीगल परमानेंट रेजिडेंट्स अब किसी भी SBA लोन लेने वाली कंपनी में न तो सीधी और न ही अप्रत्यक्ष हिस्सेदारी रख सकते हैं। इससे पहले प्रावधान था, जिसके तहत किसी बिजनेस में 5 फीसदी तक विदेशी या अमेरिका के बाहर रहने वाले नागरिकों, नेशनल्स या ग्रीन कार्ड धारकों की हिस्सेदारी की इजाजत थी। अब SBA ने 5 फीसदी वाली छूट खत्म कर दी है।
इस बदलाव के बाद अमेरिकी राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है, डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने इसकी कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि यह निर्णय “नफरत की राजनीति” है और “अमेरिकी सपने की हत्या” बताया है।”
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