हिन्दू धर्म में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का विशेष महत्व है,,,,इस साल जन्माष्टमी 16 अगस्त को मनाई जायेगी,,,,,,, मान्यता है इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की विशेष पूजा अर्चना करने से विशेष फल प्राप्त होते है,,,,,, जन्माष्टमी का त्योहार जैसे-जैसे पास आ रहा है वैसे-वैसे लोग तैयारियों में जुट गए हैं,,, इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की बाल स्वरूप में पूजा होती है। लोग भगवान को खुश करने के लिए व्रत रखते हैं और स्वादिष्ट पकवान का भोग लगाते हैं
जन्माष्टमी में भक्त हर बार कुछ यूनिक करना चाहते हैं जिससे लड्डू गोपाल खुश हो जाएं।
ज्यादातर लोगों के घरों में प्लानिंग शुरू भी हो गई है कि जन्माष्टमी को करना क्या है,,,, वहीं, कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें समझ नहीं आ रहा कि जन्माष्टमी के दिन क्या अलग किया जाए? अगर आप भी उन लोगों में से हैं तो चिंता मत करिए। हम आपके लिए कुछ शानदार आइडियाज लेकर आए हैं। तो चलिए जानते हैं जन्माष्टमी का त्योहार यादगार कैसे बनाया जा सकता है?
1..सबसे पहले तो जन्माष्टमी के दिन गाय को चारा खिलाएं कहा जाता है कि भगवान कृष्ण को गायों से बहुत प्रेम था। इसलिए आप भी 16 अगस्त को गायों की सेवा कर सकते हैं, उन्हें चारा खिला सकते हैं,,,,
2..इसके साथ ही आप जरूरतमंदों को खाना खिलाएं किसी को खाना खिला कर दिल में एक अलग खुशी महसूस होती है। आप जन्माष्टमी के दिन जरूरतमंदों का पेट भर के पुण्य कमा सकते हैं। आप चाहें तो इस दिन कपड़े भी बांट सकते हैं।
3…. जन्माष्मी के दिन आप घर में भजन का कार्यक्रम भी रख सकते है जो जन्माष्टमी को और भी ज्यादा यादगार बना सकते हैं साथ ही, दोस्तों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों को भी इनवाइट करना एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है।
4…..जन्माष्टमी के दिन खीरे का भाव बढ़ जाता है….आपको पता है खीरे के बिना जन्माष्टमी की पूजा अधूरी होती है,,,,,,
कृष्ण जन्माष्टमी की पूजा में खीरे का बहुत महत्व है। पूजा के समय खीरे के इस्तेमाल के पीछे यह माना जाता है कि जब कोई बच्चा पैदा होता है तो उस बच्चे को मां से अलग करने के लिए गर्भनाल काट दिया जाता है। उसी प्रकार जन्माष्टमी पर खीरे को डंठल के साथ काटकर अलग कर लिया जाता है इसको श्री कृष्ण का माता देवकी से अलग होने का प्रतीक माना जाता है। ऐसा करने के बाद पूरे विधि-विधान के साथ श्री कृष्ण की पूजा की जाती है,,,,, खीरा काटने की प्रक्रिया को नाल छेदन के नाम से भी जाना जाता है। जन्माष्टमी वाले दिन पूजा करते समय खीरे को कृष्ण जी के समक्ष रख दें,,,, रात के 12 बजते ही यानी कृष्ण के जन्म के बाद एक सिक्के की मदद से खीरे और डंठल को बीच से काटकर अलग कर दें,,,,
5….बहुत से लोग लड्डू गोपाल की पूजा में उपयोग हुए खीरे को प्रसाद के रूप में बांट देते हैं। वहीं कुछ स्थान पर यह खीरा नवविवाहित और गर्भवती महिलाओं को खाने के लिए दिया जाता है। माना जाता है कि नवविवाहिता या गर्भवती महिला को यह खीरा खिलाने से श्रीकृष्ण जैसे पुत्र का जन्म होता है,,,,,,तो इस तरह आप जन्माष्मी को यादगार और खुशियों से भऱा हुआ बना सकते है,,,,ब्यूरो रिर्पोट न्यूज पिडिया
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